Tuesday, 12 March 2013


·   एक अहेसास छुपा हे कही  मेरे आसपास
·   तू नहीं तो क्या हुवा तेरी याद रहे मेरे पास
·   न कुछ कमी हे जिंदगी मे ,न कोई दुख
·   फिर भी नहीं मिल रहा हे चाहने का सुख
·   ख़लिश कुछ चुभती हे  कही चुभाती भी हे
·   बदन को तोड़ती हे फिर  से कुछ जोड़ती हे
·   कब तक उठता रहेगा  दर्द का ये कांरवा
·   पिघल न जाये , सालो से  रोना रुका हुवा
·   बेबसी की आग ने  हे हमको भी  जलाया
·   उठा धुवा पर  कैसे ये हमे समज न आया
·   खेर दस्तूर ये दिल का था की दुनिया का
·   मजबूरी का आलम हमारा या हम दोना का
·   मनाए फिर भी हम वो खुशिया बड़े प्यारसे
·   हमारी यादे जुड़ी हे जिनसे, उसी अहेसास से


hemal dave 

2 comments:

  1. · बेबसी की आग ने हे हमको भी जलाया

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